हर संभावना से परे जाना है तुमको
जीवन ज़ो मिला है वो
अपरिपूर्ण सा लगता हो तुम्हे
पर जीवन के हर क्षण की
भूमिका को निभाना है तुमको
माना कठिनाईयां बहुत आयेंगी मगर
असंभव कुछ भी नहीं बनाना है तुमको
टकराना होगा समुंदर सी तुफानी लहरो से तुमको
परन्तु पृथ्वी का पूर्ण ऋण चुकाना है तुमको
और अन्तत: विलय होना है परम में इस तरह
कि ईश्वर का कण बन ईश्वर हो जाना है तुम्हे।।।
#समर्पित_अनुज
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