Friday, February 21, 2025

सच

जिसको रुकना होता है वो समझता है जानता है कभी कभी तुमको तुमसे ज्यादा ।।
जिसको जाना होता है वो चला जाता है चाहे जितना चीख चीखकर मिन्नतें करो फरियाद करो।।
ज़ख्म भरते नहीं कभी समय के साथ भी बस इन्तजार रह जाता है गुजरते हर वक्त के साथ कि शायद वो कहीं से आ जाये बस कुछ नजरभर दिख जाए खुद व खुद माफ भी कर दिया उसके उस जख्मों को जो देकर वो अलविदा भी कह गया पर मैं अभी भी उस ड्योढ़ी को छोड़ ही नहीं पायी कोशिश भी की ना जाने कितने दफा पर भाग्य में जब आग में जलना ही है तो झुलसना तो मुकद्दर बनना ही था।।
तुमको जाना था चले गए बस चुभन ही रह गयी इस पहलु में हमारे 
हमने हर एक से वफ़ा में गंवा दी अपनी यह जिंदगी पर हमारे दामन में बस राख के सिवा कुछ ना बचा ।।

Friday, January 3, 2025

ऐसा लगता है

ऐसा लगता है जैसे जिंदगी से थक चुकी हूँ मैं 
ख्वाहिशें ख़त्म ख़त्म सी कहीं थम सी चुकी हूँ मैं 
मेरे पास पंख भी हैं और हवा भी सही दिशा में है फिर भी 
जमी जमी सी कहीं जैसे मर चुकी हूँ मैं।।।
ऐसा लगता है जैसे......
 बात करते करते सब कुछ भूल जाती हूँ मैं 
क्या कहना था मुझे क्या कहती चली जाती हूँ मैं 
कहीं असमंजस में फसीं खुद को खोती चली जाती हूँ मैं।।।
ऐसा लगता है जैसे.....

Tuesday, October 10, 2023

मेरी भूल

तुमसे प्यार करने की भूल तो हो गयी ना
अब क्या कर सकते हैं?
खुद को खो देने की भूल तो हो गयी है ना 
अब क्या कर सकते हैं?
सच कहूं तो बोझिल से पल है
क्यों कि तुम दूर दूर तक नहीं हो
तुमको जीवन मानने की भूल तो हो गयी ना 
अब क्या कर सकते हैं?
तुम्हारा हम सफर तो कोई और ही है
तुम्हारा प्यार तो कोई और ही है
 तुम्हारा जीवन भी तो कोई और ही है
तुमपे विश्वास करने की भूल हो तो गयी ना
अब क्या कर सकते हैं??????



Monday, October 9, 2023

व्यथित मन

मन व्यथित हो तो नींद कहां आती है????
जीवन की नीरसता सदा ही याद दिलाती है
ईश्वर का प्रतिबिंब धुंधला सा जाता है
कुछ पल को समय ठहर सा जाता है
मस्तिष्क की आंधी शोर इतना मचाती है
कि चाहे चाहो जितना
फिर नींद कहां आ पाती है।।।?

मैं संपूर्ण हूं

मैं संपूर्ण हूं
ईश्वर से परिपूर्ण हूं
जीवन में ऐश्वर्या हैं
विषाद का कोई अवसाद नहीं
पिता की छत्रछाया
माता का निश्छल प्रेम
भाईयों का साथ
बस अब उड़ान बाकी है
धरती पर तो बसर कर ही रहे हैं
थोड़ा सा आसमां बाकी है।।।

जीवन का सच

कभी कभी एक पूरा जीवन गुजर जाता है 
खुशियों के इन्तजार में, 
सच्ची हंसी हंसने के सपने में 
पर सच तो यह है कि कुछ लोगों की किस्मत ,
बनावटी मुस्कान बनकर ही रह जाती है।।।

शिकायत करें भी तो किससे 
कायनात भी तो हमारे कर्मो पर ही चलती है ,
भूल तो नहीं की होगी हमने शायद दिल ही दुखाया होगा 
अब सजा ही मुकद्दर है तो सजा ही सही ,
पर राह अब ना भटके यही गुज़ारिश है उस परवरदिगार से🙏🏻

Thursday, July 20, 2023

जीवन की भूमिका

हर संभावना से परे जाना है तुमको
जीवन ज़ो मिला है वो 
अपरिपूर्ण सा लगता हो तुम्हे
पर जीवन के हर क्षण की
भूमिका को निभाना है तुमको
माना कठिनाईयां बहुत आयेंगी मगर
असंभव कुछ भी नहीं बनाना है तुमको
टकराना होगा समुंदर सी तुफानी लहरो से तुमको
परन्तु पृथ्वी का पूर्ण ऋण चुकाना है तुमको
और अन्तत: विलय होना है परम में इस तरह
कि ईश्वर का कण बन ईश्वर हो जाना है तुम्हे।।।

#समर्पित_अनुज

सच

जिसको रुकना होता है वो समझता है जानता है कभी कभी तुमको तुमसे ज्यादा ।। जिसको जाना होता है वो चला जाता है चाहे जितना चीख चीखकर मिन्नतें करो फ...